
देहरादून – आज यानी कि रविवार की सुबह देहरादून की सड़कों पर पर्यावरण संरक्षण का एक अनूठा और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। युवा संगठन “मेकिंग ए डिफरेंस बाय बीइंग द डिफरेंस (MAD)” द्वारा आयोजित MADATHON 2026 में लगभग 4 से 5 हजार नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

यह आयोजन संस्था के 15 वर्षों के निरंतर सामाजिक और युवा नेतृत्व वाले अभियानों का जश्न मनाने के साथ-साथ देहरादून की सूखती और दम तोड़ती नदियों एवं जलधाराओं के संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित किया गया। प्रतिभागियों ने रीस्पना और बिंदाल जैसी ऐतिहासिक नदियों के पुनर्जीवन का संदेश दिया, जो वर्तमान में शहरीकरण और प्लास्टिक प्रदूषण के कारण गंभीर संकट का सामना कर रही हैं।
MADATHON 2026 की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसे पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त मैराथन के रूप में आयोजित किया गया। आयोजकों ने सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का पूर्ण बहिष्कार करते हुए शून्य-अपशिष्ट (Zero Waste) मॉडल अपनाया। धावकों को पानी उपलब्ध कराने के लिए प्लास्टिक बोतलों और डिस्पोजेबल कपों की जगह पुनः उपयोग किए जा सकने वाले स्टील के गिलासों का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा प्लास्टिक फ्लेक्स बैनरों की जगह MAD के युवा स्वयंसेवकों द्वारा हाथों से बनाए गए कपड़े के बैनर लगाए गए। इस पहल ने यह साबित किया कि बड़े सार्वजनिक आयोजनों को भी पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार और टिकाऊ बनाया जा सकता है।
MAD के 15वें स्थापना वर्ष पर आयोजित इस विशेष अभियान में समाज के विभिन्न वर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रसिद्ध सामाजिक संस्थाएं हौसला फाउंडेशन और तारा फाउंडेशन ने कार्यक्रम के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं द टॉन्सब्रिज स्कूल और एलिमेंट्स एज क्लासेज जैसे शैक्षणिक संस्थानों ने भी इस अभियान को अपना समर्थन दिया। इसके अलावा स्थानीय व्यवसायों और सहयोगी संस्थाओं जैसे एलोरा’ज़ मेल्टिंग मोमेंट्स, सुविधा सुपरमार्केट, ट्रेंड सेटर्स, सोनी ऑप्टिकल्स, दिल से चॉकलेट, MASC प्रोडक्शन और देहरा प्रोडक्शन ने भी इस जनआंदोलन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
