Uttarakhand
गैरसैंण – भराड़ीसैंण में मंगलवार को उत्तराखंड विधानसभा का दो दिवसीय सत्र शुरू हुआ। जो 27 और 28 अक्टूबर तक चलेगा। पहले ही दिन दोपहर 3 बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में 7,844.18 करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश किया। इसके साथ राज्य के कुल बजट का आकार बढ़कर 1,19,547.39 करोड़ रुपये हो गया।

बता दें कि आज की सदन की कार्यवाही की शुरुआत दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी को श्रद्धांजलि देकर हुई। मुख्यमंत्री समेत पूरे सदन ने उन्हें याद किया और शक्ति लाल शाह ने खंडूड़ी से जुड़ा एक संस्मरण साझा किया।
अनुपूरक बजट में राजस्व मद के लिए 3,679.86 करोड़ रुपये और पूंजीगत मद के लिए 4,164.32 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप ग्रामीण, शहरी और स्थानीय निकायों को 721 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव है। इसके तहत राज्य कर राजस्व में निकायों की हिस्सेदारी 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने की बात भी कही गई है। अन्नपूर्ति योजना में धान और गेहूं की खरीद के लिए 1,100 करोड़ रुपये, अवस्थापना विकास के लिए 500 करोड़ रुपये और जल जीवन मिशन में ठेकेदारों के बकाया भुगतान के लिए 300 करोड़ रुपये रखे गए हैं। कुंभ मेला अवस्थापना कार्यों के लिए 290 करोड़ रुपये और स्कूली व उच्च शिक्षा में डिजिटल लर्निंग के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
परियोजनाओं की बात करें तो गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना के लिए 122 करोड़ रुपये, नए स्टेट डेटा सेंटर के लिए 40 करोड़ रुपये और हरिद्वार गंगा कॉरिडोर परियोजना के लिए 30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान योजना के लिए 100 करोड़ रुपये और गोल्डन कार्ड के लिए 125 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जबकि पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज तथा नर्सिंग कॉलेजों के लिए 160 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। कल्याणकारी पेंशन के लिए 93 करोड़ रुपये, खुरपिया फार्म परियोजना की बिजली व्यवस्था के लिए 270 करोड़ रुपये, खेल विश्वविद्यालय के लिए करीब 35 करोड़ रुपये और चंपावत के महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सदन के बाहर भी सत्र के पहले दिन सियासी हलचल रही। कांग्रेस, प्रदेश स्तर के कुछ संगठनों और उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने विधानसभा घेराव का एलान किया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरियर से आगे नहीं बढ़ने दिया, तो कांग्रेस नेता और अन्य संगठनों के लोग वहीं धरने पर बैठ गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बर्तन लेकर विरोध जताया। दोपहर 3 बजे के बाद यूकेडी के प्रदर्शनकारियों ने दिवालीखाल में बैरिकेडिंग तोड़ दी और भराड़ीसैंण के मुख्य गेट तक पहुंच गए।



