युवाओं की बिगड़ती सेहत चिंता का विषय, वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. के.पी. जोशी ने शुरू किया विशेष अभियान  –

Uttarakhand

देहरादून – प्रदेश के जाने माने वरिष्ठ फिजिशियन और चार अस्पतालों के संचालक डॉ. के.पी. जोशी ने प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से “Healthy Uttarakhand, Healthy India” नामक एक विशेष अभियान की शुरुआत की है।

करीब 40 वर्षों के चिकित्सकीय अनुभव के आधार पर डॉ. जोशी का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड समेत देश के युवाओं की सेहत तेजी से प्रभावित हुई है। उनके अनुसार, 15 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लोगों में अब ऐसी बीमारियां तेजी से सामने आ रही हैं, जिन्हें पहले मुख्य रूप से बुजुर्गों में देखा जाता था। इन बीमारियों में उच्च रक्तचाप (बीपी), मधुमेह (शुगर), हृदय रोग, मोटापा (ओबेसिटी) और अन्य जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं प्रमुख हैं।

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डॉ. जोशी का मानना है कि बदलती जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या, असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों में कमी इसके प्रमुख कारण हैं। इन्हीं चिंताओं को देखते हुए उन्होंने “Healthy Uttarakhand, Healthy India” अभियान की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना और स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है।

अभियान के तहत एक ऑनलाइन याचिका (Online Petition) भी शुरू की गई है। इसके माध्यम से ऐसे लोगों को अभियान से जुड़ने का अवसर दिया जा रहा है, जो मानते हैं कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए खानपान और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव जरूरी है।

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नीचे दिए Link पर click कर के आप भी जुड़े “Healthy Uttarakhand, Healthy India”  अभियान से –

https://c.org/JgcLR2x6ND

इन online पेटिशन के जरिये डॉ. जोशी का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को इस जनअभियान से जोड़कर उत्तराखंड को एक स्वस्थ राज्य बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास करना है।

डॉ. जोशी का मानना है कि यदि समय रहते लोग अपनी जीवनशैली में सुधार करें और नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार तथा व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं तो कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। वो कहते हैं कि स्वस्थ उत्तराखंड ही स्वस्थ भारत की मजबूत नींव बनेगा। इसलिए इस ओर राज्य सरकार को भी विशेष ध्यान देने की जरूरत हैं। वो राज्य सरकार से अपील करते हैं कि इस विषय की गंभीरता को समझते हुए सरकार भी अपने स्तर पर विशेष जागरूकता शिविर आयोजित करें। जिससे की समय रहते लोग अपनी सेहत को लेकर सचेत हो सकें ओर उत्तराखंड एक हेल्दी प्रदेश बनकर उभरे।

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