Uttarakhand
देहरादून – देश और दुनिया के बदलते हालात के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 मार्च को शाम 6:30 बजे देशभर के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक करने जा रहे हैं। जिसमें भविष्य की रणनीतियों और संभावित चुनौतियों पर गहन चर्चा होगी।
बता दें कि इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से उत्तराखंड शासन को भी आधिकारिक पत्र भेजा गया है। पत्र में बैठक के एजेंडा की जानकारी देते हुए सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को अनिवार्य रूप से बैठक में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने इस बैठक की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पीएमओ से सूचना प्राप्त हो चुकी है और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
बता दें कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर वैश्विक बाजारों पर साफ दिख रहा है। खासतौर पर पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई और कीमतों में अस्थिरता ने भारत जैसे बड़े आयातक देश की चिंता बढ़ा दी है।
इन्हीं हालातों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी राज्यों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि यदि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होती है, तो राज्यों की तैयारियां किस स्तर पर हैं और उन्हें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
बैठक में जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता, ईंधन आपूर्ति, लॉजिस्टिक्स और आपातकालीन प्रबंधन जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही केंद्र सरकार की ओर से संभावित रणनीतियां और दिशा-निर्देश भी साझा किए जाएंगे।
उत्तराखंड के लिए यह बैठक इसलिए और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि एक ओर राज्य में पर्यटन सीजन शुरू होने वाला है। वहीं दूसरी ओर अप्रैल के पहले सप्ताह में प्रधानमंत्री का प्रस्तावित दौरा भी तय है। ऐसे में राज्य की तैयारियों और प्राथमिकताओं पर विशेष फोकस रहने की संभावना है।
कुल मिलाकर, 27 मार्च की यह बैठक सिर्फ एक औपचारिक संवाद नहीं, बल्कि बदलते वैश्विक हालात के बीच भारत की तैयारियों का एक बड़ा परीक्षण मानी जा रही है।
